संयमी जीवन से ही राष्ट्र निर्माण संभव: विनिश्चय सागर
बागपत, जून 6 -- नगर के अजीत नाथ मंदिर मंडी में धर्म सभा का आयोजन किया गया। जिसमें जैन संत विनिश्चय सागर महाराज द्वारा मंगल प्रवचन किए। प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आज का इंसान भीतर से खोखला होता जा रहा है। अपनी आयु के चादर में तमन्नाओं के फूल टांकते-टांकते उसकी चादर फट जाती है पर आत्मिक शांति नहीं मिल पाती है। विषय कषाय से सनी जिन्दगी की चादर असंयम से स्वच्छ नहीं होती। स्वच्छता के लिए मन पर नियंत्रण, इंद्रिय विषयों की विरक्ति अनिवार्य है। आत्मा को निर्मल बनाने में संयम के साबुन की आवश्यकता है। यह भी पढ़ें- जैन संत विनिश्चय सागर महाराज का हुआ मंगल प्रवेश जिस प्रकार प्राचीन सम्राट अपने राज्य की सुरक्षा के लिए किला बनाते थे ताकि पर चक्र का आक्रमण उन पर प्र...
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