सीतामढ़ी, अक्टूबर 5 -- पिपराही। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा भारी बारिश तथा बाढ़ आने की संभावना की सूचना जारी किए जाने से क्षेत्र के किसान चिंतित हो रहें हैं। इस साल सितम्बर माह गुजर गया। लेकिन अभी तक बाढ नही आई थी। पिछले की तरह वर्ष 2024 के सितंबर माह के अंत में आई बाढ की चिंता एक बार फिर से किसानों को सताने लगी है।अक्टूबर माह में धान में बाली आ जाती है।और बाली रहने के समय बाढ आने से फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो जाती है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में 30 सितम्बर को आयी बाढ से दोनो बागमती तटबंध के अंदर स्थित धान की फसल कई दिनों तक पानी में डूबे रहने से नष्ट हो गया ।लगातार कई दिनों तक ठहरे बाढ के पानी से किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा।अगात किस्म के धान की तैयार फसल पानी में डूबी रही।जिससे तैयार धान की फसले नष्ट हो गई।प्रखंड के बेलवा, इन्द्रवा,...
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