लखनऊ, मार्च 2 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता संभव अभियान से अति गंभीर कुपोषित 81 प्रतिशत बच्चे सामान्य स्थिति में आ चुके हैं। यह अभियान जीवन के पहले 1000 दिनों में कुपोषण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करता है। यूपी में बड़ी संख्या में कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को जीवनदान देने के लिए तकनीकी का भरपूर प्रयोग किया गया। शारीरिक विकास की निगरानी को डिवाइस व पोषण ट्रैकर ऐप की मदद से यह संभव हुआ है। यूपी में 1.70 करोड़ से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई और उसमें से 2.50 लाख कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया। पंजीकृत कुपोषित बच्चों का डाटा स्वास्थ्य विभाग के ई- कवच एप्लीकेशन से जोड़ा गया। जिससे उपचार व फॉलोअप में पारदर्शिता आई है। एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व एएनएम को प्रशिक्षित कर बच्चों तक उचित पोषण पहुंचाने का क...