मुंगेर, मार्च 26 -- संग्रामपुर, एक संवाददाता। लक्ष्मीपुर स्थित मां वैष्णवी चैती दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचिका आराध्या पांडे ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होनी चाहिए, यह हमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के जीवन से सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। वहां उन्होंने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल के द्वार तक पहुंचे। कृष्ण ने सामने सुदामा को देखकर उन्हें प्रेमपूर्वक गले से लगा लिया। सुदामा ने भी भावविभोर होकर कन्हैया-कन्हैया कहते हुए उन्हें आलिंगन किया। दोनों मित्रों का यह अद्भुत मिलन देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को अ...