संत साहित्य की साधना आचार्य के जीवन का ध्येय था : कुलपति
वाराणसी, जुलाई 26 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू के हिन्दी विभाग में साहित्यकार, आलोचक और संत साहित्य के अध्येता आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की जयंती पर 'संत साहित्य के अध्ययन की परंपरा और आचार्य परशुराम चतुर्वेदी' विषयक संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यदि आचार्य परशुराम चतुर्वेदी को सही अर्थों में समझना है तो उनके जीवन में 'साधना' के वास्तविक अर्थ को समझना होगा। यह भी पढ़ें- आचार्य परशुराम चतुर्वेदी को दी गई श्रद्धांजलिकार्यक्रम की जानकारी उन्होंने कहा कि वकालत उनकी आजीविका का माध्यम अवश्य थी, लेकिन संत साहित्य का अध्ययन, अनुसंधान और लेखन ही उनके जीवन का मूल ध्येय था। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी का पौत्र होने के नाते कुलपति ने अपने बाबा से जुड़ी आत्मीय स्मृतियां साझा कीं। कहा कि उन्हें ल...
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