प्रयागराज, जनवरी 22 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पहिया लगी पालकी लेकर संगम स्नान से रोकने के मामले में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि उनकी शरण में जाएं और कहें कि महाराजजी हमसे गलती हो गई, अपराध हो गया, हमें माफ कर दीजिए। अगर उनसे माफी मांगी जाएगी तो निश्चित ही वह माफ करेंगे। संत हैं, उनका हृदय कोमल है। भगवान श्रीराम ने भी कहा है कि अगर रावण भी शरण में आता तो उसे क्षमा कर देते। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य इस वक्त माघ मेला के खाकचौक व्यवस्था समिति के प्रधानमंत्री जगद्गुरु संतोषदास 'सतुआ बाबा' के शिविर में कथा कह रहे हैं। तीसरे दिन कथा के ठीक पहले उन्होंने पत्रकरों से बात की। इस दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य को स्नान ...