लातेहार, अप्रैल 23 -- महुआडांड़ प्रतिनिधि। जेवियर कॉलेज के सभागार में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का शैक्षणिक ईमानदारी व आलोचनात्मक सोच पर प्रभाव विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. फादर एम. के. जॉर्ज(जनरल असिस्टेंट,येसु समाज, रोम) ने कहा कि जनरेटिव एआई एक शक्तिशाली साधन है। परंतु शिक्षा की जड़ें ईमानदारी और मानवीय चिंतन में ही निहित होनी चाहिए। प्रौद्योगिकी सीखने की प्रक्रिया को सशक्त अवश्य बनाए। लेकिन यह आलोचनात्मक सोच और नैतिक उत्तरदायित्व का स्थान कभी नहीं ले सकती। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने कहा कि आज के डिजिटल युग में ज्ञान की उपलब्धता जितनी सहज हुई है। उतनी ही जिम्मेदारी भी बढ़ी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक हमारे चिंतन को सशक्त बनाए, न कि उसे निर्भर और न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.