वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संत कबीर का संदेश सार्वकालिक महत्व वाला है। शताब्दियों पूर्व संत कबीर ने जिन विसंगतियों की ओर इशारा किया था वह अभी भी समाज में हैं। इनसे तब तक मुक्ति नहीं मिल सकती जब तक हम पूर्ण रूप से संत कबीर के मार्ग का अनुसरण नहीं करने लगते। ये बातें कबीर दर्शन के चिंतक संत विवेक दास ने कहीं। वह नव संस्कृति साहित्य संघ की वाराणसी इकाई की ओर से गुरुवार को कबीरचौरा स्थित मूल गादी में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का समाज मूल कर्मकांड से भटक कर बहुत दूर निकल गया है। ऐसे कर्मकांड से विमुख होना श्रेयष्कर है जो कल्याण की जगह अकल्याण को प्रोत्साहित कर रहा है। अभिंदन सत्र के उपरांत 'संत कबीर का लोक' विषय पर परिचर्चा हुई। अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डॉ.रामसुधार सिंह न...
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