धनबाद, नवम्बर 10 -- धनबाद, वरीय संवाददाता संत एंथोनी चर्च में रविवार को पवित्र प्रथम परमप्रसाद ग्रहण संस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इसमें 16 बच्चों ने पहली बार पवित्र परम प्रसाद का ग्रहण किया। ईसाई धर्मावलंबी में परम प्रसाद को प्रभु यीशु का शरीर और दाखरस को लहू का प्रतीक माना जाता हैं। कैथोलिक परंपरा में परम प्रसाद को दीक्षा का दूसरा संस्कार माना गया है। यह एक आध्यात्मिक चिंतन और पश्चाताप का समय भी है। चर्च कमेटी के सदस्य शिशिर प्रभात तिर्की ने बताया कि पापों की क्षमा के लिए बहाए गए यीशु के रक्त की स्मृति में रोटी और दाखरस को ग्रहण किया जाता है। कैथोलिक परंपरा में सात महानतम संस्कार बपतिस्मा (जन्म के साथ नामकरण), पाप स्वीकार, परम प्रसाद, दृढ़ीकरण, विवाह, बुलाहट (पुरोहित अभिषेक) तथा अंतमलन (मृत्यु के पश्चात) हैं। इनमें से प्रथम परम प्रस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.