संत ऋषियों के वचनों का मान रखना हमारा धर्म
मुजफ्फर नगर, मई 28 -- मुजफ्फरनगर शगुन पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पंडित जगमोहन भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को रसपान कराते हुए कहा कि संत ऋषियों के वचनों का मान रखना हमारा परम धर्म है।कथा व्यास ने राजा परीक्षित और तक्षक नाग के प्रसंग का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब तक्षक राजा परीक्षित को डसने जा रहा था, तब रास्ते में उन्हें कश्यप ब्राह्मण मिले। तक्षक ने छल से कश्यप की विद्या की परीक्षा ली, जहां ब्राह्मण ने तक्षक द्वारा भस्म किए गए वृक्ष को पुन: हरा-भरा कर दिया। तक्षक ने विधि के विधान और श्रृंगी ऋषि के श्राप का मान रखने का अनुरोध कर ब्राह्मण को धन देकर विदा किया और राजा को डसा। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में समुद्र मंथन एवं कृष्ण जन्म कथा का वर्णन कथा में देवराज इंद्र का अहंकार चूर करने के लिए भगवान कृष्ण द्वारा सात दिनों त...
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