नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा जनता के बीच आ सकता है। हालांकि, इस मुद्दे से भाजपा या आरएसएस सीधे तौर पर नहीं जुड़ी होंगी, लेकिन संतों के जरिये इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। हाल में बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। आगे चलकर इसमें संत समाज भी आगे आ सकता है। भाजपा और संघ वैचारिक व सैद्धांतिक तौर पर अयोध्या के साथ काशी व मथुरा मुद्दे का समर्थन करता रहा है। अयोध्या मुद्दा भाजपा के राजनीतिक व संघ के सामाजिक मुद्दों का अंग रहा है, लेकिन काशी व मथुरा के साथ ऐसा नहीं है। हाल में संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मथुरा मुद्दे पर साफ किया था कि संघ के एजेंडे में अयोध्या की तरह मथुरा नहीं है, लेक...
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