कन्नौज, अप्रैल 16 -- महादेव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गुरुवार को व्यास अमन पाठक ने भक्तों को संतों के वचन और उनके कोप के पीछे निहित दिव्य उद्देश्य का मार्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संतों का क्रोध भी अंततः जीव के कल्याण और भगवान की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। कथा प्रसंग का विस्तार करते हुए उन्होंने बताया कि सरोवर में स्नान कर रहे नल कूबर और मणिग्रीव ने उसी मार्ग से गुजर रहे देवर्षि नारद का उचित सम्मान नहीं किया। इससे नारद जी क्रोधित हो गए और उन्होंने दोनों को जड़वत वृक्ष बनने का शाप दे दिया। हालांकि यह शाप भी कालांतर में उनके उद्धार का कारण बना। कथा के दौरान लालता प्रसाद, रानी देवी, भाजपा जिला महामंत्री रामबीर कठेरिया, वरिष्ठ भाजपा नेता मलिक पांडेय, अनंत राम पाल, रवि पाल, सर्वेश कुमार, मान सिंह, ओमकार पाठ...
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