संतों की संगति और भक्ति के प्रभाव से नारद बने महान आचार्य
मुंगेर, जून 15 -- असरगंज, निज संवाददाता। सुरजू राम ठाकुरबाड़ी परिसर में आयोजित 49 दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के 22वें दिन सोमवार को कथावाचक डॉ मंगलनाथ पाठक ने कहा कि, श्रीमद्भागवत में भगवान के विभिन्न अवतारों का अत्यंत सरस, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक वर्णन मिलता है। इसमें सनकादिक, नारद, शुकदेव, वराह, मत्स्य, नृसिंह, पृथु, ऋषभदेव, मोहिनी, कपिल, परशुराम, भगवान राम, वेदव्यास, भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान बुद्ध सहित अनेक अवतारों की महिमा का विस्तार से उल्लेख है। कथावाचक ने देवर्षि नारद के जीवन प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि, नारदजी दासी पुत्र थे। उनकी माता संतों की सेवा कर जीविकोपार्जन करती थीं।
नारद जी का तप एक बार उनके गांव में चातुर्मास के अवसर पर संतों का एक दल आया। नारदजी की माता ने चार माह तक संतों की सेवा की। इस दौरान बालक ...
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