एटा, अप्रैल 15 -- धरती माता बचाओ अभियान के तहत उप कृषि निदेशक सुमित कुमार की अध्यक्षता में जिला कृषि अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रगतिशील किसानों एवं कृषक उत्पादक संगठनों के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। किसानों को संबोधित करते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया कि आगामी माह मई 2026 से सभी कृषि निवेश इनपुट फार्मर आईडी आधारित प्रणाली के माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे शीघ्र अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी डीएपी एवं 7 बोरी यूरिया ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। यह भी पढ़ें- संतुलित और आवश्यकतानुसार खाद का प्रयोग करें : डॉ. दिव्या जिले में वर्तमान समय में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्...
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