औरंगाबाद, अप्रैल 25 -- औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। संतुलित उर्वरकों के प्रयोग से जहां उत्पादन में वृद्धि होती है, वहीं भूमि की उर्वर शक्ति भी बनी रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र, सिरिस की कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रतिभा कुमारी ने बताया कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिट्टी की उर्वरता को टिकाउ बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरकों के प्रयोग तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाने की आवश्यकता है। किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसल की आवश्यकतानुसार मुख्य पोषक तत्वों (जैसे- नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) और सूक्ष्म पोषक तत्वों (जैसे- लोहा, जस्ता, तांबा) के लिए उर्वरकों का सही मात्रा, सही समय, सही अनुपात और सही विधि से प्रयोग करना चाहिए। यह भी पढ़ें- मृदा की उर्वरता ...