दुमका, मार्च 2 -- दुमका, प्रतिनिधि। संताल आदिवासी समाज के प्रमुख प्रकृति पर्व 'बाहा' की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है। दुमका प्रखंड के मकरो गांव में खेरवाड़ सांवत एभेन बायसी और ग्रामीणों के सहयोग से यह उत्सव अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। बाहा पर्व के दौरान संताल समाज ने सादे पानी से परंपरा निभाकर अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को जीवंत किया। तीन दिनों का विधान: जाहेर दाप से शरदी माह तक यह पर्व तीन चरणों में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 'जाहेर दाप माह' से हुई। दूसरे दिन 'बोंगा माह' के अवसर पर गांव के नायकी (पुजारी) को पारंपरिक नृत्य-गान के साथ 'जाहेर थान' ले जाया गया। वहाँ सखुआ (सारजोम) के वृक्ष के नीचे पूजा स्थलों का गोबर और जल से शुद्धिकरण (गेह-गुरिह) किया गया। नायकी ने सखुआ और महुआ के फूल अर्पित कर जाहेर ऐरा, मार...