धनबाद, मार्च 28 -- झारखंड के कजरी गांव की 23 वर्षीय संथाल कारीगर उर्मिला सोनवार अपने सांस्कृतिक और पारिस्थितिक परिवेश से प्रेरित एक उभरती हुई युवा डिजाइनर के रूप में चर्चित हो रही हैं। उर्मिला का काम स्थानीय पवित्र अनुष्ठान बारह खंड और उनके गांव के पर्वतीय परिदृश्य से प्रेरित है और इन तत्वों को हाथ से बुनी हुई साड़ियों में रूपांतरित करता है, जो देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ पहचान से गहराई से जुड़ी हुई है। भारत ट्राइब्स फेस्ट-2026 में उर्मिला की कारीगरी को न केवल सराहा गया बल्कि जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने जनजातीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाती महिलाओं में उर्मिला की कारीगरी को शामिल भी किया है। देश की कई आदिवासी महिलाओं की कारीगरी को जगह दी गई है।12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने के बाद उर्मिला ने अपना जीवन बुनाई को समर्पित कर दिया, विर...