कटिहार, सितम्बर 29 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। संतान की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना से जुड़े लोकआस्था के महापर्व जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया को लेकर जिले में तैयारियां शुरू हो गई हैं। घरों में जहां व्रत के विधान के अनुसार सामग्री जुटाई जा रही है, वहीं सोने-चांदी का जिउतिया बनवाने और खरीदने के लिए महिलाएं आभूषण दुकानों तक पहुंचने लगी हैं। तीन दिनों तक चलने वाला यह कठिन अनुष्ठान दो अक्टूबर को नहाय-खाय से शुरू होगा। तीन अक्टूबर को माताएं निर्जला उपवास रखेंगी और चार अक्टूबर की सुबह पारण के साथ व्रत संपन्न होगा। आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि दो अक्टूबर को व्रती स्नान-ध्यान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करेंगी। लोकपरंपरा में नहाय-खाय के दिन मड़ुआ की रोटी, नोनी का साग और झिंगनी यानी तोरई की सब्जी खाने का विशेष ...