हापुड़, नवम्बर 1 -- संतान की दीर्घायु और खुशहाली का पर्व अहोई अष्टमी रविवार को भक्तिभाव के साथ मनाया गया। महिलाओं ने माता अहोई अष्टमी का व्रत रखकर बच्चों के खुशहाल और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। महिलाओं ने विधि विधान से माता अहोई अष्टमी की पूजा कर शाम को व्रत खोला। अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को किया जाता है। अहोई का व्रत महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। अपनी संतान की दीर्घायु के लिए वह अष्टमी का व्रत रखती हैं। जो बच्चों को कष्टों और संकटों से दूर रखता है।पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि कार्तिक मास की आठे को पडऩे के कारण इसको अहोई अष्टमी कहा जाता है। यह भी पढ़ें- Hapur News: नगर समेत समूचे क्षेत्र में मना अहोई अष्टमी का पर्व अहोई अष्टमी पर महिलाएं अपनी संतान के लिए मुख्यत: बेटों के लिए व्रत रखती हैं। घरों ...