संतानों को संस्कार वान बनाएं : विशाश्री माताजी
झांसी, अगस्त 31 -- झांसी, संवाददाता। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान में सोमवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि माता पिता स्वयं भक्ति भाव पूर्ण आचरण करते हुए अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएं।
नारी शक्ति का महत्त्व आचार्य मानतुंग स्वामी ने भक्तामर काव्य के माध्यम से नारी शक्ति की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जिस प्रकार आकाश की सभी दिशाओं में तारागण निकलते हैं परन्तु पूर्व दिशा ही सूर्य को जन्म देती है। उन्होंने कहा, उसी प्रकार करोड़ों माताओं ने सन्तानों को जन्म दिया है पर आप जैसे तीर्थंकर को भी एक पुण्य शाली मां ने ही जन्म दिया है जिससे उस मां की कोख पूज्यनीय और बंदनीय हो गई।
मातृशक्ति का आह्वान उन्होंने मातृशक्ति का आह्वान किया कि वे घर में केवल गृहस्थी का काम करते हुए ...
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