वाराणसी, मई 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। विश्वभर में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला डाईयुक्त अपशिष्ट जल अब पर्यावरण के लिए संकट नहीं होगा। आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों ने इसे विषैले रसायन से मुक्ति दिलाने का सहज उपाय खोजा है। डाईयुक्त अपशिष्ट जल को जहरीला बनाने वाले खतरनाक केमिकल 'मैलाकाइट ग्रीन डाई' की काट संतरे का छिलका होगा। इसका अर्क उसका प्रभाव पूरी तरह खत्म हो जाता है।

संस्थान का योगदान पारुल विश्वविद्यालय (बड़ोदरा) के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग में संचालित पारुल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों ने साझा शोध किया। उन्हें संतरे के छिलके के अर्क को प्राकृतिक रिड्यूसिंग एजेंट के रूप विकसित करने में सफलता मिली। गौरतलब है कि इसकी लागत शून्य रही। अपशिष्ट जल से महज 30 मिनट में यह 97.06 प्रतिशत 'मैलाकाइट ग्रीन ...