रांची, अप्रैल 28 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने संज्ञेय अपराध के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को एक आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान धनबाद के एसएसपी कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि वीडियो वायरल जैसे मामलों में, जहां संज्ञेय अपराध का संकेत हो, पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। सुनवाई के दौरान एसएसपी ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी के लिए अदालत से माफी मांगी और आश्वस्त किया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट ने 20 पुलिसकर्मियों का तबादला किया रद्द उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी और निलंबन की अनुशंसा की जाएगी। माम...