संचालन के लिए प्रशिक्षण नहीं
दरभंगा, जून 5 -- आग लगने के बाद कई घंटा बीतने के बाद अग्निशमन की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिन बड़े भवनों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं वह भी काम के नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ डीएमसीएच के आधा दर्जन से अधिक भवनों में आग से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं है। एक सिस्टर इंचार्ज ने नाम नहीं छपने की शर्त बताया कि आज तक किसी भी अग्निशमन सिलिंडर की जांच नहीं की गयी। न ही किसी कर्मी को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया गया। गर्मी के समय एसी के उपयोग के कारण डीएमसीएच में विद्युत भार काफी अधिक हो जाता है। यह भी पढ़ें- फायर सेफ्टी के बिना चल रहे अस्पताल, निजी क्लीनिकों में हादसे का बड़ा खतरा एक तरफ वायरिंग के तारों पर अधिक भार रहता है वहीं दूसरी तरफ बिजली की वायरिंग बेतरतीब तरीके से शॉर्ट सर्किट होने का ड...
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