संघ कार्य ही था अशोक सिंघल का जीवन : चंपत राय
बिजनौर, अक्टूबर 12 -- विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि अशोक सिंघल का संपूर्ण जीवन सनातन धर्म, समाज में समरसता और राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित था। उन्होंने यह विचार सोमवार को बिजनौर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए। चंपत राय ने भाषण की शुरुआत में कहा कि सिंघल की जन्म शताब्दी कार्यक्रम के निमित्त उनका बिजनौर आना हुआ। इससे पहले उन्होंने 1966 से 1969 तक यहीं रहकर अपनी पढ़ाई की और आपातकाल 1975 के दौरान छह महीने जेल में भी रहे थे। उन्होंने बताया कि अशोक सिंघल का संपर्क 15-16 वर्ष की आयु में इलाहाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ था, जिसके बाद वह पूरी तरह से संघ के कार्य में विलीन हो गए और मां की आज्ञा को भी आरएसएस के आमंत्रण पर टाल दिया था। बनारस हिंदू विश्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.