पाकुड़, अप्रैल 4 -- प्रखंड के सीतारामपुर गांव की रहने वाली सुहागिनी की कहानी आज संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है। एक समय था जब वे रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर थीं, लेकिन आज वे अपने क्षेत्र के किसानों के लिए सफलता की नई राह दिखा रही हैं। उनकी यह यात्रा 'सूरजमुखी आजीविका स्वयं सहायता समूह' से जुड़ने के साथ शुरू हुई। इसके बाद जिका परियोजना के माध्यम से उन्हें आधुनिक खेती की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। परियोजना के तहत उन्हें सूक्ष्म टपक सिंचाई यंत्र (ड्रिप इरिगेशन), वर्मी कंपोस्ट यूनिट एवं पॉली नर्सरी हाउस उपलब्ध कराया गया। इन संसाधनों के माध्यम से उन्होंने कम लागत में अधिक उत्पादन करने की दिशा में सफल प्रयास शुरू किया। सुहागिनी दीदी ने टपक सिंचाई तकन...