कन्नौज, मार्च 8 -- छिबरामऊ, संवाददाता। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर क्षेत्र की प्रधानाध्यापिका सुमनलता यादव का जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आता है। उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत एक प्राइवेट स्कूल से की थी, जहां से उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। कड़ी मेहनत और लगन के बाद जनवरी 2006 में उनका चयन बेसिक शिक्षा विभाग में हुआ। अगस्त 2009 में उन्हें प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी में प्रधानाध्यापिका पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। उस समय विद्यालय की स्थिति बेहद खराब थी। संसाधनों की कमी, अव्यवस्थित व्यवस्था और कम छात्र संख्या जैसी कई चुनौतियां सामने थीं। लेकिन सुमनलता यादव ने हार मानने के बजाय विद्यालय को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने न केवल शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के लिए प्र...
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