कोडरमा, जून 20 -- जयनगर। प्रखंड के सांथ निवासी चेतलाल राम (48 वर्ष) की जीवनगाथा फादर्स डे के अवसर पर उन सभी अभिभावकों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। वर्ष 2001 में पत्नी के असामयिक निधन के बाद चेतलाल राम के सामने जीवन की सबसे बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई। तीन बेटियों और एक बेटे के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर आ गई। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने बच्चों को बेहतर जीवन देने के लिए दिन-रात मेहनत की。 यह भी पढ़ें- खुद को तपा कर अपने पाल्यों को पहुंचाया बुलंदियों परचेतलाल राम का समर्पण कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर, झुमरी तिलैया में कार्यालय इंचार्ज के पद पर कार्यरत चेतलाल राम ने...