संघर्ष, संस्कार और सेवा की मिसाल हैं डॉ. आदित्य वर्धन आर्य
देहरादून, अक्टूबर 2 -- देहरादून। स्वस्ति भव धर्मार्थ न्यास परिवार की ओर से डॉ. आदित्य वर्धन आर्य के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं एवं दीर्घायु की मंगलकामना की गई। वैदिक प्रवक्ता आचार्य अनुज शास्त्री ने डॉ. आर्य के व्यक्तित्व को संघर्ष, त्याग, संस्कार, शिक्षा, वैदिक जीवन और समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आर्य ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों को कायम रखते हुए समाजसेवा को प्राथमिकता दी। शिक्षा, शोध, जरूरतमंदों की सहायता, पुस्तक, वस्त्र और राशन वितरण सहित विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को स्मरण किया गया। आचार्य शास्त्री ने कहा कि संस्कार केवल पुस्तकों में पढ़ने की चीज नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखाई देने चाहिए। यह भी पढ़ें- Dehradun News: गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प कार्यक्रम में...
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