लखनऊ, दिसम्बर 16 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित लॉन में नए आपराधिक कानून में फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने फोरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता पर चर्चा की। इससे पहले मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान तथा न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि जिला जज मलखान सिंह एवं मुख्य वक्ता यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंस के सस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी मौजूद थे। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एवं महामंत्री अवनीश दीक्षित ने नए फोरेंसिक विज्ञान की सहभागिता पर विचार व्यक्त किए। कहा कि कनिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए यह संगोष्ठी मददगार साबित होगी। दोनों ने न्यायमूर्तिगणों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। संगोष्ठी समारो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.