मेरठ, जुलाई 8 -- मंडौरा गांव में मंगलवार को राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विशेषज्ञों ने गन्ना उत्पादक किसानों को समेकित नाशीजीव प्रबंधन तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें व्यवहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. श्रवण मनभर हलधर ने बताया कि गन्ना आधारित आईपीएम मॉडल गांव विकास परियोजना के तहत किसानों को रोग और कीट प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों से अवगत कराया जा रहा है। ट्राइकोडर्मा और बैसिलस प्रजातियों का मिश्रित प्रयोग करने से गन्ने की जड़ों और तनों को विभिन्न रोगों से प्रभावी सुरक्षा मिलती है। नीम तेल, फेरोमोन ट्रैप और ट्राइकोकार्ड जैसे जैविक साधनों के उपयोग से फसल में लगने वाले कीटों का प्रभावी न...