मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 22 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले के सारण बॉर्डर से लगे पारू और साहेबगंज में गंडक नदी के दियारा में संगीनों के साये में तरबूज की खेती हो रही है। दियारा में तरबूज का बीज लगाने का काम अंतिम चरण में है। गर्मी के सीजन में तरबूज की फसल तैयार होगी। जिसमें जितनी ताकत, उसके तरबूज की खेती उतनी अधिक मजबूत का दियारे में खेल चलता है। केवल तरबूज, लालमी और ककड़ी की खेती ही नहीं होती, दियारा में शराब का धंधा भी उतना ही गहरा है। इन सब के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प आम बात हो गई है। इसके लिए बड़े पैमाने पर यहां शूटर तक रखे जाते हैं। पारू प्रखंड के चक्की सोहागपुर में तरबूज की खेती के लिए सारण के हसनपुरा मुरहिया से जमीन देखने आए किसान अशेाक सहनी से दूसरे किसान साधु सहनी की भिड़ंत हो गई। इसमें बीते 12 नवंबर को हुई फायरिंग में सा...
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