प्रयागराज, जून 16 -- प्रयागराज। जिले की आबादी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। बच्चों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि बुजुर्गों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रो. एआर सिद्दीकी के अध्ययन में सामने आया है कि आने वाले वर्षों में जिले में बुजुर्गों की आबादी की जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी सेवाओं की अधिक आवश्यकता पड़ेगी। अध्ययन में वर्ष 1991 से 2011 तक के उपलब्ध और 2021 व 2031 के संभावित जनसंख्या आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। प्रो. सिद्दीकी ने बताया कि प्रयागराज में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की हिस्सेदारी 1991 में कुल जनसंख्या की 7.14 प्रतिशत थी, जो 2001 में बढ़कर 7.63 और 2011 में 8.19 प्रतिशत हो गई। 2021 और 2031 की जनसंख्या के अनुमानित आंकड़ों के आधार पर इनकी ...