वाराणसी, नवम्बर 29 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। अब से डेढ़ सौ वर्ष पहले काशी की वैदिक परंपरा को संजीवनी देने वाले द्रविड़ परिवार की वेदों के संरक्षण के लिए लड़ी जा रही लड़ाई कमजोर पड़ती जा रही है। वेद रक्षा के लिए समर्पित रामघाट निवासी द्रविड़ परिवार वेदरक्षा के लिए त्राहिमाम कर रहा लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। अर्से तक काशी के राजपरिवार ने उनकी मदद की लेकिन करीब डेढ़ दशक पहले उन्होंने भी इस कार्य में सहयोग से हाथ खींच लिया है। वर्ष 2001 में पूर्व काशी नरेश डॉ.विभूति नारायण सिंह के निधन के बाद से ही काशी के राजपरिवार ने मुंह मोड़ लिया था। द्रविड़ परिवार के प्रतिनिधि पद्मश्री पं.गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ और उनके भाई वेदमूर्ति विश्वेश्वर शास्त्री द्रविड़ लगभग एक दशक तक काशी राजपरिवार के साथ पत्राचार करते रहे लेकिन उनके किसी भी पत्र का ...
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