गोरखपुर, मार्च 10 -- गोरखपुर। गृहस्थ संत नित्यलीलालीन श्रीहनुमानप्रसाद पोद्दार 'भाईजी' की 55वीं तिरोधान तिथि के उपलक्ष्य में गीतावाटिका में आयोजित सात दिवसीय अखण्ड हरिनाम संकीर्तन के चौथे दिन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिला। संकीर्तन का क्रम में विभिन्न स्थानों से आई संकीर्तन मण्डलियों तथा स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल, मंजीरे और करताल की मधुर ध्वनि के साथ भगवान के पवित्र नामों का संकीर्तन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत भाईजी के पावन कक्ष से उनके द्वारा रचित पदों के संग्रह ग्रंथ 'पद रत्नाकर' के पदों का संगीतमय गायन भी किया गया।
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