संकल्प के बिना क्यों नहीं करनी चाहिए पूजा-पाठ या दान? जानें इसके पीछे की धार्मिक वजह
नई दिल्ली, अगस्त 4 -- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और दान जैसे शुभ कार्यों के लिए कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से जीवन में समृद्धि बनी रहती है और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अक्सर देखा जाता है कि किसी भी कथा या पूजा के आरंभ में पंडित जी संकल्प दिलाते हैं। बिना संकल्प के की गई पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। सच्चे मन और विधि-विधान से की गई पूजा ही मनोकामनाओं की पूर्ति करती है।संकल्प का अर्थ क्या है? संकल्प का सामान्य अर्थ है किसी कार्य को करने का दृढ़ निश्चय करना। हिंदू परंपरा में पूजा अनुष्ठान या किसी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले संकल्प लिया जाता है। इससे वह कार्य बिना रुकावट के पूर्ण हो सके। संकल्प के बिना पूजा का आरंभ और समापन ठीक से नहीं होता है। यह एक तरह से पूजा की मनोकामना को भगवान तक पहुंचाने का माध्यम है। प...
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