जमशेदपुर, मई 23 -- ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कोल्हान के उद्योग डीजल की किल्लत और बिजली कटौती की दोहरी झेल रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण औद्योगिक इकाइयों को लंबे समय तक जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हो गई है। कोल्हान में 1500 से अधिक छोटे और मझोले औद्योगिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। उद्योग संगठनों के अनुसार, पहले सामान्य दिनों में एक-दो घंटे की बिजली कटौती होने पर प्रतिदिन 5 से 10 हजार रुपये तक डीजल खर्च होता था। अब कई क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे तक बिजली बाधित रहने के कारण छोटी इकाइयों में प्रतिदिन 200 से 300 लीटर अतिरिक्त डीजल की खपत हो रही है। इससे रोज डीजल पर होने वाला खर्च 50 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

उद्योगों पर बिजली संकट का प्रभाव उद्योग संचा...