वाराणसी, अप्रैल 11 -- वाराणसी। संकटमोचन भगवान की अंगनाई। संगीत समारोह की पांचवीं निशा की पहली प्रस्तुति लेकर मंच पर लखनऊ घराने के पं.राममोहन महाराज हैं। मंच प्रवेश की उनकी अदा, नमस्कार का अंदाज, श्रोताओं से बात करते समय आवाज का असर। सब कुछ उनके बड़े भाई स्मृतिशेष पं. बिरजू महाराज की याद दिला रहा है। पं.राममोहन महाराज संकटमोचन में अपनी दूसरी कथक नृत्य यात्रा वहीं से शुरू कर रहे हैं जहां उन्होंने 47 साल पहले 18 साल की उम्र में छोड़ी थी।65 वर्ष की उम्र में भी किशोरवय चपलता और युवा उत्साह एक साथ उनके नृत्य में नजर आ रहा है। नृत्य का नयनाभिराम अवलोकन करने के लिए मंच के सामने वाले आंगन में पिछले बारामदे तक की बैरिकेडिंग दर्शकों से भरी है। यहां से दर्शकों को अद्भुत दृश्यावली सुलभ हो रही है। उनकी नजरें निश्चित रूप से पं.राममोहन महाराज पर टिकी हैं...
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