वाराणसी, अप्रैल 8 -- वाराणसी। संकटमोचन मंदिर परिसर में गर्भगृह के उत्तर में लगी विशाल एलईडी स्क्रीन के सामने संगीत रसिकों की तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियां साथ बैठी हैं। चितईपुर से अपनी दादी पुष्पा पांडेय के साथ आई ढाई साल की आर्या की निगाहें एलईडी स्क्रीन और कान उनके दोनों ओर लगे स्पीकर पर हैं।स्क्रीन पर दिख रहे हैं ड्रमर शिवमणि और उनकी जादुई स्टिक। स्क्रीन पर निगाह इसी परिवार की दूसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि आर्या के पिता अभिषेक की भी है। तीनों पीढ़ियों की निगाहों में कौतूहल एक सा ही है। नन्ही आर्या ड्रम की धीमी-मध्यम-तेज बीट और यू.राजेश के मेंडोलिन से निकल रही सुरीली ध्वनियों को बखूबी महसूस कर रही है लेकिन स्क्रीन पर क्या हो रहा है यह समझने में उसका नन्हा मस्तिष्क तल्लीनता से लगा है।वह अपने ठीक पीछे बैठे लक्सा से आए चंचल बालक अभिनीत बनर्जी से बि...