आगरा, अप्रैल 22 -- तीर्थ नगरी में हरिपदी गंगा किनारे चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रोताओं ने जड़ भरत और नृसिंह अवतार की कथा व प्रवचन सुने। बुधवार को कथा वाचक रामजी भाई ने नृसिंह अवतार का भावपूर्ण वाचन किया। बुधवार को कथा वाचक रामजी भाई ने जड़ भरत की कथा के माध्यम से जीवन में वैराग्य, भक्ति और आत्मज्ञान का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे राजा भरत ने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर तपस्या का मार्ग अपनाया और अंततः जड़ भरत के रूप में जन्म लेकर परम ज्ञान प्राप्त किया। इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। कथा के तीसरे दिन समापन पर विधि-विधान से आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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