बाराबंकी, जनवरी 22 -- निन्दूरा। क्षेत्र के खटौली गांव में भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रवंचक चंद्रशेखर महाराज ने पंडाल में मौजूद श्रोताओं को जामवंती विवाह की कथा सुनाइए। कथा वाचक ने कहा कि श्री कृष्ण और जामवंत दोनों ही पराक्रमी थे। युद्ध करते हुये गुफा में 28 दिन बीत गए। कृष्ण की मार से महाबली जामवंत की नस टूट गई। वह अति व्याकुल हो उठा और अपने स्वामी श्रीराम का स्मरण करने लगा। जामवंत के द्वारा श्रीराम के स्मरण करते ही भगवान श्री कृष्ण ने श्रीराम के रूप में उसे दर्शन दिये। जामवंत उनके चरणों में गिर गया और बोला हे भगवान अब मैंने जाना कि आपने यदुवंश में अवतार लिया है। श्री कृष्ण ने कहा हे जामवंत तुमने मेरे राम अवतार के समय रावण के वध हो जाने के पश्चात मुझसे युद्ध करने की इच्छा व्यक्त की थी और मैंने तुमसे कहा था कि मैं तुम्हारी इच्छ...
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