कौशाम्बी, अप्रैल 4 -- सिराथू कस्बे के मंझनपुर रोड स्थित सीता वाटिका बैंक्वेंट हाल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा वाचक संत राजेंद्र जी महाराज ने राजा परीक्षित को संत के अपमान करने की कथा सुनाया। कथा श्रवण करने के लिए क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उपस्थित हुई। उन्होंने बताया कि संत का अपमान करने के कारण राजा परीक्षा को श्राप मिला था कि सात दिन में तक्षक नाम के सर्प के डसने से उनकी मृत्यु हो जायेगी। कथा वाचक ने आगे बताया कि श्रीमद् भागवत साप्ताहिक कथा है। सात वर्ष के कृष्ण ने सात दिनों तक गिरिराज पर्वत को अपने कनिष्ठिका अंगुली पर धारण करके समस्त बृजवासियों की रक्षा की थी। ध्रुव जी महाराज के पावन प्रसंग को श्रवण करते हुए कहा कि भक्त हो तो ध्रुव जैसे कि भगवान नारायण को भी दर्शन करने के लिए आना पड़ा और ध्रुव ने स्तुति करके...
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