संतकबीरनगर, मार्च 17 -- सन्तकबीरनगर, निज संवाददाता। विकास खंड बघौली के अंतर्गत कोल्हुआ लकड़ा उतरावल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन अयोध्या धाम से आए कथा प्रवक्ता डॉ धरणीधर जी महाराज ने कहा कि यदि किसी का प्रेम भगवान से लग जाए तो उसका मोक्ष निश्चित है। मनुष्य की शोभा सुंदरता से नहीं, बल्कि आचार-विचार और अच्छे चरित्र से होती है।भागवत का दूसरा नाम परिधि बताते हुए कहा कि संसार रूपी सीमा को कभी नहीं लांघना चाहिए। परंपरा का निर्वाह और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि जिसका कभी विनाश नहीं होता। डॉ धरणीधर जी महाराज ने कहाकि उसे सत कहते हैं। जहां अज्ञान का प्रवेश नहीं और आनंद ही आनंद रहता है, वही भागवत रूपी सच्चिदानंद है। भागवत महात्म्य ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता। यह कथा जीवन जीने और मृत्यु...
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