शामली, मार्च 25 -- थानाभवन। थानाभवन नगर के मोहल्ला कंभोयान में स्थित शिव मंदिर में श्री सनातन शिव शक्ति हनुमान मंडल के तत्वाधान में आयोजित 18वे साप्ताहिक सत्संग में प्रवचन करते हुए कथावाचक दिव्य योगी राज राजेश्वर महाराज ने कहा भक्त और प्रभु का संबंध आत्मा का परमात्मा से प्रेम, पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास का पवित्र बंधन है। यह निस्वार्थ सेवा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद का मार्ग है, जहाँ भक्त अहंकार छोड़कर प्रभु की कृपा प्राप्त करता है। इसका महत्व अहं के नाश, आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष (जन्म-मरण से मुक्ति) में निहित है। भक्त अपने कर्म, फल और जीवन को प्रभु को अर्पित कर देता है, जिससे अहंकार का नाश होता है।यह रिश्ता औपचारिक नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम पर आधारित है, जहाँ भक्त केवल प्रभु को प्रसन्न करना चाहता है। सच्चे भक्त को हर क्षण प्रभ...