दुमका, मार्च 7 -- रामगढ़। रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत ठाडीहाट में श्रीशिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा सुनने काफी संख्या में लोग पहुंचे। मौके पर कथा व्यास दुर्गेश नंदन ने बताया की शिवलिंग भगवान शिव के निराकार, अनादि और अनंत स्वरूप का प्रतीक है, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा का आधार है। यह कल्याणकारी, प्रकाशमान स्तंभ के रूप में स्थापित है, जिसकी पूजा से पापों से मुक्ति, आरोग्य, धन-धान्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। पार्थिव शिवलिंग की पूजा अकाल मृत्यु का भय मिटाती है। आगे उन्होंने कथा मे बताया की शिव लिंग धार्मिक आस्था का प्रतीक है। शिव भक्तों के लिए यह भगवान शिव का प्रतिमा विहीन चिन्ह है। आमतौर पर शिव लिंग का ऊपर का हिस्सा एक गोलाकार मूर्ति के रूप में होता है, जिसे परशिव कहते हैं और निचला हिस्सा जिसे पीठम पराशक्ति कहते हैं। ऐसा कहा जाता है...
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