श्री रामचरितमानस मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर: डॉ. मदन मोहन मिश्र
सुल्तानपुर, अगस्त 19 -- करौंदीकला। गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाकर भारतीय समाज को भक्ति, मर्यादा, संस्कार और सदाचार का मार्ग दिखाया। यह बातें तुलसी जयंती पर प्रसिद्ध रामकथा वाचक डॉ. मदनमोहन मिश्र ने प्रतापपुर मे आयोजित कार्यक्रम में कही। डॉ. मिश्र ने बताया कि श्रीरामचरितमानस न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक समरसता और मानवीय आदर्शों का अनुपम मिश्रण भी है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, त्याग, कर्तव्य, करुणा और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी अद्भुत लेखनी के माध्यम से रामकथा को जन-जन की आस्था से जोड़ दिया। यह भी पढ़ें- तुलसी जयंती पर हिंदी विभाग में सुंदरकांड का संगीतमय सस्वर पाठ उनकी रचनाओं में ...
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