मुरादाबाद, मई 31 -- श्री महाकालेश्वर धाम में चल रही श्री राम चरितमानस कथा के सातवें दिन रविवार को भगवान राम का राजतिलक किया गया। साध्वी पुष्पा रामायणी के मुखारविन्द से प्रभु श्रीराम के राज तिलक का गुणगान किया। लंका विजय और विभीषण का राजतिलक अयोध्या लौटने से पहले, रावण के वध के बाद भगवान राम ने लंका में धर्म की स्थापना की। उन्होंने रावण के छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा घोषित कर उनका राजतिलक किया। अयोध्या वापसी और भरत मिलाप राम, लक्ष्मण और सीता माता जब पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे, तो सबसे पहले भरत से उनका अत्यंत भावुक मिलन हुआ। भरत जो इतने वर्षों से राम की खड़ाऊं रखकर नंदीग्राम में तपस्वी का जीवन जी रहे थे, अपने भाई को पाकर भाव-विभोर हो गए। यह भी पढ़ें- श्री महाकालेश्वर धाम में चल रही कथा में हुआ भगवान राम का राज तिलक भगवान राम को राजस...