हरिद्वार, जुलाई 9 -- श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण की तमिलनाडु के कांचीपुरम में आयोजित बैठक में अखाड़े से जुड़े पांच संतों और महंतों को आजीवन निष्कासित करने का निर्णय लिया है। साथ ही इन सभी का हुक्का-पानी बंद करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में देशभर से पहुंचे उदासीन संतों ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर यह फैसला लिया। अखाड़े के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने बताया कि निष्कासित किए गए संतों में श्रीमहंत रघुमुनि, उग्र दास, ज्येन्द्र मुनि, स्वामी शिवानंद और सेवादास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से इन सभी संतों एवं महंतों को अखाड़े से स्थायी रूप से निष्कासित करने और उनके साथ सभी धार्मिक एवं संगठनात्मक संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया। यह भी पढ़ें- आश्रमधारी संतों की प्रशासन सुने समस्याएं : स्वामी प्रब...