देहरादून, अप्रैल 27 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। श्री भक्तमाल कथा के द्वितीय सत्र में कथा व्यास रसिक कपिल बावरा ने ठाकुर जी के अनन्य प्रेमी संत श्री नरसिंह मेहता के जीवन चरित्र का सुंदर वर्णन भजनों के माध्यम से किया। कालिका मंदिर में चल रही कथा के दौरान सोमवार को संगत समूह भक्ति रस में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने भजनों का भरपूर आनंद लिया।कथा व्यास ने बताया कि नरसी मेहता प्रभु के परम भक्त थे, जिन्हें केवल अपने इष्ट पर अटूट विश्वास था। प्रभु ने भी अपने भक्त के इस विश्वास को निभाया। उन्होंने नरसी मेहता की हुंडी स्वीकार कर उनकी सच्ची भक्ति पर मुहर लगाई। वहीं, बेटी के घर भात भरने के समय आर्थिक कठिनाई आने पर स्वयं प्रभु पुत्र रूप में प्रकट होकर भात भरने पहुंचे और अपने भक्त की लाज रखी। कथा में गुरु महिमा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही स...