श्रीहरि से प्रेम करने से समाप्त हो जाता है मोह-माया का अहंकार: साध्वी कृष्णप्रिया तुलसी
मुजफ्फर नगर, जून 12 -- मुजफ्फरनगर। गांधीनगर स्थित श्री श्यामाश्याम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास साध्वी कृष्णप्रिया तुलसी ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और रुक्मिणी विवाह का अद्भुत प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात जब श्रीकृष्ण ने यमुना तट पर बंशी बजाई, तो गोपियां सब कुछ छोड़कर खिंची चली आईं। उन्होंने गोपियों के वियोग और उद्धव के ज्ञान का अहंकार टूटने की कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण के सच्चे प्रेम के आगे उद्धव का अभिमान भी चूर-चूर हो गया।इसके बाद उन्होंने रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया कि किस तरह विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी के प्रेम संदेश पर श्रीकृष्ण ने शिशुपाल और रुक्मी को पराजित कर द्वारिका में उनसे विवाह रचाया। यह भी पढ़ें- श्रीहरि से प्रेम करने से समाप्त हो जाता है मोह-माया का अहंक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.