आगरा, मई 20 -- भगवान का नाम ही कलियुग में जीव का सबसे बड़ा आश्रय है। "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" का स्मरण जीव को अंतःकरण की शुद्धि, भक्ति और आत्मिक शांति प्रदान करता है। श्रद्धालुओं से प्रतिदिन नाम-जप करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित रहने का संदेश दिया गया कथा व्यास सार्वभौम प्रभु द्वारा। यह भी पढ़ें- कलियुग में हरिनाम परायण ही सफलता का पुंजकथा का शुभारंभ इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में समाधि पार्क, सूर्य नगर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस श्रद्धालु श्रीहरि भक्ति में भावविभोर हो उठे। कथा का शुभारंभ हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से हुआ और समापन भी हरिनाम के मधुर कीर्तन के साथ सम्पन्न हुआ। कथा स्थल पर भक्तों ने संकीर्तन की धुन पर नृत्य कर श्रीकृष्ण नाम का गुणगान किया।कथा का विस्तार कथा व्य...